Wishing You In Advance
जाने कितने झूले थे फासी पर, कितनो गोली खायी थी
क्यु झुठ बोलते हो साहब, कि चरखे से आजादी आयी थी।
अगर 16 अगस्त को झंडे सम्हाल के रखने की औकात ना हो तो 15 अगस्त को झंडे खरीद के अपनी मौसमी देशभक्ति का प्रदर्शन ना करें। शब्द कड़वे जरूर हैं पर नीयत साफ है, भारत माता की जय।
आजाद भारत के नालायक जवानों, अगर आज वैलेंटाइन का दिन होता,
या फ्रेंडशिप दिन होता, तो इनबोक्स फुल होता,
चलो जल्दी से उठो और सबको बधाई दो
अगर 16 अगस्त को झंडे सम्हाल के रखने की औकात ना हो तो 15 अगस्त को झंडे खरीद के अपनी मौसमी देशभक्ति का प्रदर्शन ना करें। शब्द कड़वे जरूर हैं पर नीयत साफ है, भारत माता की जय।
आजाद भारत के नालायक जवानों, अगर आज वैलेंटाइन का दिन होता,
या फ्रेंडशिप दिन होता, तो इनबोक्स फुल होता,
चलो जल्दी से उठो और सबको बधाई दो

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